
हरिद्वार। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर बुधवार को संयुक्त बैंकिंग यूनियनों के संगठन यूएफबीयू के आह्वान पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, हरिद्वार में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार और भारतीय बैंक संघ से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को जल्द लागू करने की मांग की।
बैंक कर्मचारियों ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को लेकर भारतीय बैंक संघ और यूएफबीयू के बीच नवंबर 2023 में सहमति बनी थी। इसके बाद सात दिसंबर 2023 को समझौता ज्ञापन तथा आठ मार्च 2024 को द्विपक्षीय समझौते और संयुक्त पत्र के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बावजूद व्यवस्था का अंतिम क्रियान्वयन अब तक लंबित है।
यूएफबीयू संयोजक राजकुमार सक्सेना ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग है। जब इस संबंध में सहमति और समझौते हो चुके हैं तो अब इसके क्रियान्वयन में और देरी नहीं होनी चाहिए।
AIBOC distt. सचिव शोभित शर्मा V Mayank Tiwari ने कहा कि बैंक कर्मचारी लगातार ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को कार्य-जीवन संतुलन बनाने में मदद मिलेगी और कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।
सचिव राहुल खुराना ने कहा कि यूएफबीयू इस मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहा है। 27 जनवरी 2026 को भी राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की गई थी। सरकार को अब कर्मचारियों की मांग पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।
प्रदर्शन में यूएफबीयू संयोजक राजकुमार सक्सेना, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से गोपाल मौर्य, सचिव शोभित शर्मा, सौम्या, कुमकुम, हीना, केनरा बैंक से सचिव राहुल खुराना, एआईबीओसी सचिव मयंक तिवारी, अंकिता, ज्योति, भारतीय स्टेट बैंक से सचिव रवि चोपड़ा, जितेंद्र, रीना तथा पंजाब नेशनल बैंक से शगुन सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने दोहराया कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को जल्द लागू किया जाए, ताकि बैंक कर्मचारियों को राहत मिलने के साथ बैंकिंग क्षेत्र में कार्य-जीवन संतुलन भी बेहतर हो सके।
