पंच परिवर्तन से होगा समाज परिवर्तन : मटाले

-भारतीय कुटुंब व्यवस्था विश्व में सर्वोपरि : पदम् सिंह

-संघ शताब्दी विजयदशमी उत्सव पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

हरिद्वार।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ हरिद्वार के तत्वाधान में हरिद्वार नगर, रानीपुर, जगजीतपुर व बहादराबाद खंडों में अलग अलग स्थानों पर सात संघ शताब्दी वर्ष विजय दशमी उत्सव आयोजित हुए। शस्त्र पूजन,बौद्धिक के उपरांत क्षेत्र में स्वयं सेवकों द्वारा पथ संचलन किया गया। इस अवसर पर लोगों द्वारा स्वयं सेवकों पर पुष्प वर्षा की गई तथा कई स्थानों पर सौ वर्ष की संघ यात्रा में अपना जीवन समर्पित करने वाले दिवंगत स्वयंसेवकों के नाम से द्वार सजाए गए।

जगजीतपुर खण्ड के नवीन मंडी हरिलोक कालोनी में आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख राजकुमार मटाले ने कहा कि आज से 100 वर्ष पहले डॉ. हेडगवार ने अपने 5 मित्रों के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना विजयदशमी के पर्व पर की। तब से निरंतर हिन्दू समाज को संगठित करने के लिए समाज परिवर्तन का कार्य कर रहा है।

श्री मटाले ने कहा कि आज देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए संघ प्रयासरत है। हमारी दैनिक कार्य पद्धति है जिसमें अपना स्वार्थ नहीं देखा जाता और अपने समाज की सहायता की जाती है। यह हमारे संस्कार और संस्कृति है जो हमें हमारे पूर्वजों से विरासत में मिली है। इस शताब्दी के साथ ही संघ का चौथा चरण शुरू हो रहा है। जिसमें हिन्दू समाज संगठित हो रहा है। समाज का आचरण बदलें, समाज में भाईचारा बढ़े, आपसी विद्वेष न हो ऐसा संघ का प्रयास है। समरसता के समाज का निर्माण ही प्रत्येक स्वयंसेवक का प्रण होना चाहिए। आज परिवार व्यवस्था संकट में है। एकल परिवार का चलन बढ़ रहा है जो आने वाली पीढ़ी को संस्कार विहीन कर देगा। पहले संयुक्त परिवार होते थे, घर में बड़े बुजुर्ग होते थे लेकिन अब रिश्ते खत्म होते जा रहे हैं जिन्हें हमें बचाना है। साथ ही पर्यावरण भी हमें बचाना है। पर्यावरण की दृष्टि से भी स्वयं सेवकों को सोचना होगा कैसे हम अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और पर्यावरण को रक्षा करें। हमें संविधान, कानून, नियमों का पालन करने वाला नागरिक बनना है। हम संविधान को सबसे ऊपर रखें और समाज में कानून बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं। समाज में एक वर्ग ऐसा भी है जिसकी मानसिकता राक्षसों जैसी है हम उन्हें राक्षस वर्ग भी कह सकते हैं। ये ऐसा वर्ग है जो समाज में शांति नहीं चाहता और अशांति ही इसका मुख्य क्रियाकलाप होता है।

उन्होंने कहा की संघ चाहता है समाज में नरों में उत्तम नरोत्तम लोग आगे आएं और समाज में अपना बहुमूल्य योगदान दें। हम ऐसे समाज का निर्माण करें जिसमें आपसी भाईचारा हो, एक दूसरे के लिए प्रेम हो, संवेदना हो न की द्वेष। दुनिया में शांति कायम हो भारत इसके लिए सदैव प्रयासरत रहता है, और भारत कभी भी किसी भी देश के ऊपर आक्रमण के पक्ष में नहीं रहा। इस शताब्दी के अवसर पर स्वयंसेवकों को हर गली मोहल्ले में हिंदू को संगठित कर भारत को सशक्त बनाने के प्रयास करना चाहिए।

बहादराबाद खण्ड के रोहलकी-किशनपुर में आयोजित विजयदशमी उत्सव में स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए कहा क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम सिंह ने कहा कि गांव व्यवस्था में पाँच लोगों की पंचायत राय को पंच परमेश्वर की आदेश मानते थे, भारतीय सनातन परंपरा में पंच देव पूजा का विधान है, इसी तरह संघ शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन से समाज परिवर्तन का संकल्प लिया है। कुटुम्भ प्रबोध,समाजिक समरसता व सदभाव,पर्यावरण,नागरिक कर्यव्य व स्व: का भाव ऐसे पंच बिंदुओं पर समाज जागरूक हो तभी भारत विश्व गुरु बना रहेगा।

हरिद्वार नगर की सप्तसरोवर बस्ती में आयोजित उत्सव में जिला संचालक डॉ. यतीन्द्र नाग्यान ने कहा कि विश्व का एक मात्र समाजसेवी संगठन है।

भेल-रानीपुर नगर में श्रीदेव सुमन बस्ती टिहरी विस्थापित कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम जिला प्रचार प्रमुख देवेश वशिष्ठ ने संघ शतकीय गाथा पर प्रकाश डालते हुए विजय दशमी की सभी स्वयंसेवकों शुभकामनाएं दीं। हरिद्वार नगर में मायापुर बस्ती में सँस्कृत भारती के क्षेत्र संर्पक प्रमुख प्रो.प्रेम चन्द्र शास्त्री ने स्वयंसेवकों से समाज निर्माण के लिए समर्पित होने का आह्वान किया।

दक्ष बस्ती में प्रांत समाजिक समरसता प्रमुख रमेश उपाध्याय व ऋषिकुल बस्ती में जिला समाजिक समरसता प्रमुख प्रवीण शर्मा ने विजयदशमी उत्सव पर स्वयंसेवको को सम्बोधित किया। मायापुर बस्ती में सरस्वती विद्या मन्दिर मायापुर से आयोजित होकर शिवमूर्ति होते हुए लालतारोपुल से बिरला घाट,गुजरांवाला भवन,श्रवण नाथ नगर,गणेश घाट,तुलसी चौक होकर पुनः सरस्वती विघा मन्दिर पहुंचा। ऋषिकुल बस्ती में देवपुरा कालोनी से पथ संचलन प्रारम्भ हुआ। जो कि ऋषिकुल तिराहे से ऋषिकुल बस्ती होते हुए देवपुरा तिराहे से बस अड्डे से पुनः लौटते हुए देवपुरा कालोनी पहुंचा।

इस अवसर पर विभाग प्रचारक राकेश कुमार, जिला प्रचारक जगदीप,विभाग प्रचार प्रमुख अनिल गुप्ता, विभाग सेवा प्रमुख वीर प्रताप,अंकुर राजपूत,डॉ. अनुराग वत्स,अभिषेक जमदग्नि आदि मुख्य रूप से व्यवस्था में रहे।

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