
हरिद्वार/उज्जैन। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं श्री मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में विश्व कल्याण, देश की सुख-समृद्धि और सनातन संस्कृति की उन्नति के लिए बाबा महाकाल का विधि-विधान से अभिषेक एवं पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने भगवान महाकाल से समस्त मानव जाति के कल्याण तथा देश में शांति और समृद्धि की कामना की।
श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि उज्जैन स्थित बाबा महाकाल का मंदिर सनातन धर्म की आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां विराजमान शिवलिंग सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे अद्वितीय माना जाता है। उन्होंने बताया कि महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग दक्षिणमुखी है, जो इसे अन्य ज्योतिर्लिंगों से अलग और विशेष बनाता है। तांत्रिक परंपरा में दक्षिण दिशा को मृत्यु, साधना और मोक्ष का प्रतीक माना गया है, इसलिए बाबा महाकाल की उपासना का विशेष आध्यात्मिक महत्व है।
उन्होंने कहा कि “महाकाल” का अर्थ ही समय का स्वामी होता है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उज्जैन नगरी के वास्तविक राजा स्वयं बाबा महाकाल हैं। यही कारण है कि यहां आज भी हर शुभ कार्य से पहले बाबा महाकाल का स्मरण किया जाता है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म मानवता, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता है तथा धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
