स्वामी विशुद्धानंद त्याग तपस्या के प्रतिमूर्ति थे :स्वामी अनंतानंद महाराज

स्वामी विशुद्धानंद महाराज की पुण्य तिथि पर विशुद्ध आश्रम में श्रद्धांजलि सभा आयोजित

हरिद्वार, 27 दिसंबर 2025: उत्तरी हरिद्वार स्थित श्री विशुद्ध आश्रम में ब्रह्मलीन संस्थापक स्वामी विशुद्धानंद महाराज की पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। ब्रह्मलीन स्वामी विशुद्धानंद महाराज त्याग तपस्या, और आध्यात्मिक ज्ञान की प्रतिमूर्ति के रूप में याद किया गया।

आश्रम की महंत रत्न देवी ने कहा कि स्वामी विशुद्धानंद महाराज ने जीवनभर आश्रम की स्थापना और संचालन में अपना सर्वस्व समर्पित किया। उन्होंने आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वाले साधकों को प्रेरणा दी और समाज में सनातन धर्म की ज्योति जलाए रखी। महंत रत्न देवी ने उनके योगदान को याद करते हुए भावुक अपील की कि उनके दिखाए मार्ग पर चलकर हम सभी आश्रम की सेवा और धर्म प्रचार में जुटें।

महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वामी विशुद्धानंद महाराज त्याग तपस्या के प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने कठोर साधना से जीवन को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अनेक शिष्यों को दीक्षा देकर धर्म की रक्षा की। उनके जीवन से हमें सीख मिलती है कि सच्ची तपस्या से ही आत्मकल्याण और लोककल्याण संभव है।

स्वामी हरिहरानंद महाराज ने स्वामी विशुद्धानंद महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे एक महान संत थे, जिन्होंने आश्रम को आध्यात्मिक केंद्र बनाया। उनके मार्गदर्शन से अनेक लोग भक्ति और ज्ञान के पथ पर अग्रसर हुए। हमें उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में सद्भाव और धर्म की स्थापना करनी चाहिए।

सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने स्वामी जी की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके जीवन पर आधारित प्रसंग सुनकर भावविभोर हो गए। कार्यक्रम का समापन महाप्रसाद वितरण से हुआ।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान नवनिर्मित भवन का संतों द्वारा उदघाटन किया गया।

महंत रतन देवी,महंत संजय महाराज,महंत ग़रेंद्र दास,स्वामी हरिहरानंद महाराज,महंत सूरज दास महाराज,महामंडलेश्वर अनंतानंद महाराज,जगदीश स्वरूप,स्वामी जोगेंद्रानंद महाराज,महामंडलेश्वर स्वामी राम मुनि महाराज,स्वामी दयानंद,स्वामी कृष्णदेव महाराज,स्वामी राम चेतन ट्रस्टी ,प्रधान हरदयाल सिंह,सरेंद्र कुमार,सुभाष,सुरेन्द्र सिंह,आदि मौजूद रहे।

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