प्रत्येक जनपदों में खुलेंगे गुरूकुल पद्धति विद्यालयः डॉ. धन सिंह रावत

*समीक्षा बैठक में संस्कृत शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिये निदेश*

*कहा, संस्कृत विद्यालयों के अधिनियम-2023 में होगा संशोधन*

देहरादून, 02 जुलाई 2025

प्रदेश के सभी जनपदों में संस्कृत शिक्षा के अंतर्गत गुरूकुल पद्धति के विद्यालय स्थापित किये जायेंगे। इसके लिये संस्कृत विभाग ठोस प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध करायेगा। इसके अतिरिक्त आश्रम पद्धति आवासीय विद्यालयों के तर्ज पर भी दूरस्थ क्षेत्रों में संस्कृत विद्यालय स्थापित किये जायेंगे। संस्कृत महाविद्यालयों के सही वर्गीकरण हेतु अधिनियम-2023 में संशोधन किया जायेगा।

सूबे संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर संस्कृत शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को संस्कृत शिक्षा से जुड़े विद्यालयों एवं महाविद्यालयों शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों की समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। डॉ. रावत ने कहा कि संस्कृत शिक्षा के अंतर्गत सूबे के प्रत्येक जनपद में एक-एक विद्यालय गुरूकुल पद्धति की तर्ज पर स्थापित किया जायेगा। ताकि सूबे की द्वितीय राजभाषा संस्कृत को जन-जन की भाषा बनाई जा सके। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के पिछड़े विकासखण्डों में आश्रम पद्धति आधारित आवासीय विद्यालयों की स्थापना का प्रस्ताव भी शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये। विभाग में जनपद स्तर पर कार्यरत सहायक निदेशकों को आहरण-वितरण का अधिकार देने के लिये वित्त व कार्मिक विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिये गये। संस्कृत शिक्षा के अंतर्गत प्रशासनिक संवर्ग की नियमावली-2024 में संशोधन करते हुये नियमावली- 2011 की तर्ज पर तैयार करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार शैक्षणिक संवर्ग के अधिनियम-2023 में भी संशोधन करने के निर्देश दिये गये ताकि शिक्षकों को समय-समय पर पदोन्नति मिल सके। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को संस्कृत महाविद्यालयों के वर्गीकरण को लेकर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिये। जनपद देहरादून के अंतर्गत ब्रहमाखाला सहस्त्रधारा रोड़ पर संस्कृत शिक्षा के नाम आवंटित भूमि को कब्जाधारियों से अवमुक्त कराने के लिये जिलाधिकारी देहरादून को दूरभाष पर निर्देशित किया गया। इसके अलावा बैठक में अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों में प्रबंधकीय व्यवस्था पर कार्यरत शिक्षकों के मानदेय वृद्धि, संस्कृत विश्वविद्यालय में कुलसचिव पद पर नियुक्ति, विश्वविद्यालय में प्रस्तावित बी.एड. व परीक्षा भवन के निर्माण आदि बिन्दुओं पर भी चर्चा की गई।

बैठक में सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक गैरोला, कुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री, अपर सचिव कार्मिक एल.एम. रयाल, अपर सचिव वित्त गंगा प्रसाद, निदेशक संस्कृत शिक्षा डॉ. आनंद भारद्वाज, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून विनोद ढ़ौंडियाल, सहायक निदेशक सी.पी.घिल्डियाल, उप सचिव बी.पी. नौटियाल, अनु सचिव गीता शरद सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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