एसएमजेएन महाविद्यालय में ज्ञान का दीक्षारंभ, युवाओं को मिली जीवन की दिशा

युवा जानें अपनी पहचान, तय करें जीवन की राह : स्वामी प्रताप पुरी जी

हरिद्वार 22 अगस्त

शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित न रहकर जीवन की दिशा तय करने का साधन बने—यही संदेश शुक्रवार को एसएमजेएन महाविद्यालय में आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम में गूंजा। कला वर्ग एवं विज्ञान वर्ग के नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी जी महाराज की अध्यक्षता में हुआ, जबकि मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा सदस्य स्वामी प्रताप पुरी जी महाराज रहे। प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा समेत सभी प्राध्यापक गण और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं इस अवसर पर मौजूद रहे।

मुख्य वक्ता स्वामी प्रताप पुरी जी महाराज ने युवाओं को जीवन की सही राह चुनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले हर युवा को खुद से यह सवाल करना चाहिए—“मैं कौन हूं?” जब इसका उत्तर मिल जाएगा तो कर्तव्य और धर्म का मार्ग अपने आप स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में कर्तव्य को ही धर्म बताया गया है। यदि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है तो युवाओं को अपने जीवन को निश्चित दिशा देनी होगी।

महंत रविंद्र पुरी जी महाराज ने कहा कि एसएमजेएन महाविद्यालय लंबे समय से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में समाज की धुरी बना हुआ है। इसका श्रेय यहां के विद्वान प्राचार्य डॉ बत्रा एवं यहाँ के विद्वान प्राध्यापकों को जाता है। उन्होंने छात्रों से हिंदी और अंग्रेजी सहित विभिन्न भाषाओं पर अधिकार करने का आह्वान किया।

प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि स्वामी प्रताप पुरी जी का उद्बोधन हमें स्वामी विवेकानंद के ओज की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं देश और समाज का नाम रोशन करेंगे।

कार्यक्रम का संचालन अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी ने किया। उन्होंने कहा कि यह बड़े सौभाग्य की बात है कि बीए प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को इतना ओजस्वी और ज्ञानवर्धक संबोधन सुनने का अवसर मिला। राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष विनय थपलियाल ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निरंजनी 33 योजना का जिक्र किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजिका डॉ. सुषमा नयाल, डॉ. शिवकुमार चौहान, डॉ. पूर्णिमा सुंदरियाल, डॉ. पल्लवी, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. लता शर्मा, डॉ. मोना शर्मा और डॉ. आशा शर्मा समेत सभी प्राध्यापक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन वरिष्ठ पत्रकार मेहताब आलम के सरस गायन प्रस्तुति से हुआ। इसके बाद छात्रा चारु ने भी एक गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को लेकर छात्र छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

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