विशाखापत्तनम में डॉ चिन्मय पण्ड्या ने किया ज्योति कलश यात्रा का शुभारंभ 

हरिद्वार 28 फरवरी।

आगामी वर्ष शांतिकुंज की संस्थापिका माता भगवती देवी शर्मा जी एवं दिव्य अखण्ड दीप का शताब्दी वर्ष है। इस निमित्त सनातन संस्कृति से ओतप्रोत माता भगवती देवी शर्मा के विचारों को जन जन तक आलोकित करने के उद्देश्य देश-विदेश में ज्योति कलश यात्रा निकाली जा रही है। इसी शृंखला में गायत्री परिवार प्रमुखद्वय डॉ प्रणव ण्ड्या एवं श्रद्धेया शैलदीदी के मार्गदर्शन में आंध्रप्रदेश के गायत्री चेतना केन्द्र विशाखापत्तनम से ज्योति कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। इस यात्रा का भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकया नायडू व देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति युवा आइकान डॉ चिन्मय पण्ड्या ने झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस दौरान युवा आइकान डॉ चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि गायत्री परिवार समाज व राष्ट्र निर्माण के लिए आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों को केंद्र में रखकर कार्य कर रहा है। उन्होंने युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के विचारों के अनुसार विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा की।

इस अवसर पर पूर्व उपराष्ट्रपति श्री वेंकया नायडू ने कहा कि गायत्री परिवार के मुख्यालय शांतिकुंज को एक जागृत तीर्थ बताया एवं परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के विचारों को आधार बना कर अपनी बात रखी। उन्होंने विगत दिनों शांतिकुंज और देव संस्कृति विश्वविद्यालय में आगमन की स्मृतियों को साझा किया। इस अवसर पर युवा आइकान ने श्री नायडू जी को गायत्री मंत्र चादर, युग साहित्य आदि भेंटकर सम्मानित किया।

इससे पूर्व युवा आइकान डॉ चिन्मय पण्ड्या ने स्थित गायत्री चेतना केंद्र में नवनिर्मित मंदिर में आदिशक्ति माँ गायत्री माता की वैदिक कर्मकाण्ड के साथ प्राण प्रतिष्ठा की। इस दौरान आंध्रप्रदेश के कोने कोने से हजारों परिजनों सहित स्थानीय जन प्रतिनिधिगण भी मौजूद रहे।

  • Related Posts

    श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति रस की अविरल धारा, साध्वी समाहिता दीदी ने कराया अमृतमय श्रवण

    हरिद्वार, उत्तरी हरिद्वार के सप्तसरोवर मार्ग स्थित संत शदाणी देस्थानम् में आयोजित तीन दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। कथा व्यास साध्वी समाहिता…

    जापान की साध्वी योगमाता सत्यप्रेम गिरी बनी निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर

    पूरी दुनिया के लोग अपना रहे सनातन संस्कृति-श्रीमहंत रविंद्रपुरी विश्व समुदाय को नई दिशा दे रही भारतीय ऋषि परंपरा-स्वामी बालकानंद गिरी सनातन संस्कृति के प्रचार प्रसार में योगदान करेंगी-महामंडलेश्वर योगमाता…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति रस की अविरल धारा, साध्वी समाहिता दीदी ने कराया अमृतमय श्रवण

    • By Admin
    • June 17, 2026
    • 3 views

    जापान की साध्वी योगमाता सत्यप्रेम गिरी बनी निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर

    • By Admin
    • June 16, 2026
    • 3 views

    श्रीमद्भागवत कथा के शुभारम्भ पर गूंजे भक्ति के स्वर, विश्व शांति के लिए होगा विशेष यज्ञ

    • By Admin
    • June 16, 2026
    • 5 views

    एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण एवं स्वच्छता का संदेश

    • By Admin
    • June 15, 2026
    • 4 views

    श्री साई शिव गंगा धाम में 5210 किलो वजन के पारदेश्वर शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा 17 जून को, सीएम धामी सहित कई दिग्गज होंगे शामिल

    • By Admin
    • June 15, 2026
    • 7 views

    14 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (नैन) ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

    • By Admin
    • June 14, 2026
    • 5 views