पृथ्वी के अस्तित्व के लिए वनीकरण आवश्यक 

हरिद्वार 22 अप्रैल

पृथ्वी दिवस के अवसर पर स्थानीय एस एम जे एन महाविद्यालय में आज वर्ल्ड अर्थ डे मनाया गया। इस अवसर पर समस्त महाविद्यालय परिवार ने धरती को बचाने का अपना संकल्प पुनः रेखांकित किया।

इस अवसार पर बोलते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो डॉ सुनील कुमार बत्रा ने अपने संबोधन में बताया की विगत कुछ वर्षों से धरती का तापमान ग्लोबल वार्मिंग के कारण अनावश्यक रूप से बढ़ गया है और इससे मौसम के अत्यधिक परिवर्तन जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं जो कि मानव जाति के विनाश का संभावित कारण बन सकती हैं उन्होंने इस तथ्य की ओर भी ध्यान दिलाया कि जीव जंतुओं की कई प्रजातियां ग्लोबल वार्मिंग के इस घटना के कारण विलुप्त हो चुकी है अथवा विलुप्तप्राय है उन्होंने इस अवसर पर वनीकरण के लिए अपना संकल्प दोहराया। उन्होंने पुनः याद दिलाया कि मानव जाति के पास कुछ वर्षों का समय बाकी है।

सर पर बोलते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉक्टर संजय कुमार माहेश्वरी ने कहा कि हमें पर्यावरण संरक्षण के छोटे-छोटे उपाय व्यक्तिगत रूप से करने होंगे जैसे की बिजली को अनावश्यक रूप से खर्च न करना जल का संरक्षण करना इत्यादि तभी छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।

रिसोर्स पर बोलते हुए राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष श्री विनय थपलियाल ने कहा के ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभावों से बचने के लिए व्यक्तिगत और सामाजिक रूप से एक सशक्त रणनीति की आवश्यकता है और इको फ्रेंडली प्रैक्टिस इसका एक महत्वपूर्ण आयाम है।

वनस्पति विज्ञान के डॉक्टर यादवेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा की मानव जाति कुछ ही समय में विलुप्त होने के संकट से गुजरेगी उसे स्थिति से बचने के लिए हमें आपसे ही कदम उठाने पड़ेंगे।

इस अवसर पर प्रोफेसर जैसी आर्य, डॉ नलिनी जैन, डॉ लता शर्मा, डॉ मनोज कुमार सोही ,डॉ अनुरिशा ,डॉ रेनू शर्मा, डॉ आशा शर्मा डॉक्टर पूर्णिया सुंदरियाल डॉ सरोज शर्मा, डॉ रजनी,श्री दिव्यांश डॉ हरिशचंद्र जोशी इत्यादि उपस्थित थे।

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