मां सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना करने से सभी कार्य सिद्ध होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है: श्रीमहंत रविंद्र पुरी

कन्या पूजन से सम्मान, लक्ष्मी, विद्या और तेज प्राप्त होता है:श्रीमहंत रविंद्र पुरी

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्री महंत रविंद्र पुरी महाराज ने महानवमी पर हरिद्वार में गंगा तट पर किया कन्या पूजन

हरिद्वार, 22 अक्टूबर: शारदीय नवरात्रि के नवें दिन, महानवमी के अवसर पर हरिद्वार के गंगा तट पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं श्री मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष, श्री महंत रविंद्र पुरी महाराज द्वारा विधिपूर्वक कन्या पूजन का आयोजन किया गया।

इस पवित्र अनुष्ठान में मंत्रोच्चारण के साथ देवी स्वरूप कन्याओं का पूजन किया गया। पूजन के दौरान कन्याओं को सोने के कुंडल, चांदी की पायल (पेजेब), उपहार और दक्षिणा भेंट की गई। श्री महंत रविंद्र पुरी महाराज ने अपने हाथों से कन्याओं को भोजन प्रसाद भी खिलाया। श्री महंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि

कन्या पूजन से सम्मान, लक्ष्मी, विद्या और तेज प्राप्त होता है।

श्री महंत रविंद्र पुरी महाराज ने बताया कि नवरात्रि के नौवें दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। माता दुर्गा का यह स्वरूप सिद्ध और मोक्ष देने वाला है इसलिए माता को मां सिद्धिदात्री कहा जाता है। इनकी पूजा अर्चना करने से सभी कार्य सिद्ध होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

श्री महंत ने अपने संबोधन में बोले कि महानवमी का आध्यात्मिक महत्व भी है क्योंकि यह देवी दुर्गा द्वारा राक्षस महिषासुर के खिलाफ नौ दिनों तक चले युद्ध की परिणति है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और विजयादशमी पर नए प्रयासों की शुरुआत के लिए इसे शुभ माना जाता है।

महानवमी के इस विशेष अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूजन में सम्मिलित होकर माता के आशीर्वाद की प्राप्ति की।

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