
हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार के सप्तसरोवर मार्ग स्थित संत शदाणी देस्थानम् में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं माता हासीदेवी के 200वें जन्मोत्सव समारोह का श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ समापन हो गया। इस अवसर पर संत शदाणी देस्थानम् के नवम पीठाधीश्वर संत डॉ. युधिष्ठिर लाल के नेतृत्व में 200 जरूरतमंद परिवारों को अन्न वितरण किया गया।
संत डॉ. युधिष्ठिर लाल ने कहा कि माता हासीदेवी का जीवन सेवा, त्याग और मानव कल्याण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की सहायता करना ही सच्ची भक्ति है। धार्मिक आयोजन तभी सार्थक होते हैं, जब उनसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा और सहयोग का संदेश पहुंचे। उन्होंने श्रद्धालुओं से माता हासीदेवी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में दर्जाधारी मंत्री नितिन गौतम ने कहा कि संत शदाणी देस्थानम् समाज सेवा, धार्मिक जागरूकता और मानवीय मूल्यों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं।
श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर कथा वाचक साध्वी समाहिता दीदी ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति और धर्म के महत्व का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को कथा का अमृतपान कराया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती है तथा ईश्वर के प्रति प्रेम, श्रद्धा और समर्पण का भाव जागृत करती है। आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाकर ही जीवन में शांति और सुख प्राप्त किया जा सकता है।
कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। समापन अवसर पर संतों एवं अतिथियों का सम्मान किया गया तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में विभिन्न राज्यों से आए भक्तों ने भी सहभागिता कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
इस अवसर पर माता दीपिका देवी शदाणी, दर्जाधारी मंत्री नितिन गौतम, पार्षद आकाश भाटी, बबलू, राजेश पुरी, डॉ. हर्षवर्धन,अमर लाल शदाणी,नंदलाल साहित्य, बाबूराम आहूजा, बाबूराम, बलदेव चावला, शुभराज, नानिकराम बत्रा, दर्शन लाल, शमन लाल नथानी, विश्वामित्र मदान, प्रकाश माखीजा, चंद्रभान बत्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
