
गंगा दशहरा पर स्नान, दान और पूजा-पाठ करने से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं:श्री महंत डॉ रविंद्र पुरी
उज्जैन/हरिद्वार। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं श्री मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने सोमवार को मध्यप्रदेश के उज्जैन में पवित्र शिप्रा नदी का विधिवत पूजन किया। इस दौरान उन्हें प्रसिद्ध श्री चिंतामन गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना की।
श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि गंगा दशहरा का पर्व सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं, ताकि मानवता के पापों का नाश हो सके। उन्होंने कहा कि यह पर्व आध्यात्मिक शुद्धि, श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। गंगा दशहरा पर स्नान, दान और पूजा-पाठ करने से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं तथा जीवन में सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है।
इस अवसर पर अनेक संत-महात्मा एवं अखाड़ा परिषद से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्रीमहंत आनंदपुरी महाराज, श्रीमहंत रामेश्वरानंद गिरि महाराज, श्रीमहंत आदित्य गिरि महाराज, श्रीमहंत रत्न गिरि महाराज, श्रीमहंत ओम भारती महाराज, श्रीमहंत सहदेवानंद गिरि महाराज, श्रीमहंत आनंदेश्वरानंद गिरि महाराज, महंत गिरिशानंद गिरि महाराज, किन्नर अखाड़ा के महामंडलेश्वर पवित्रानंद गिरि महाराज, श्रीमहंत पृथ्वी गिरि महाराज, दत्त अखाड़ा के पीठाधीश्वर श्रीमहंत सुंदर पुरी महाराज सहित कई संत मौजूद रहे।
