आखिर किन कारणों से रघु मुनि सहित अन्य संतों को अखाड़ा परिषद ने हटाया,7 दिन में देना होगा जवाब, कानूनी नोटिस मिला,

हरिद्वार/उज्जैन। हरिद्वार में लगने वाले कुंभ मेले की तैयारी को लेकर एक और जहां मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी तैयारी में जुटे हुए हैं, तो वहीं श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े के तीन महंतों को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा वर्ष 2025 में आयोजित महाकुंभ प्रयागराज में एकाएक अचानक से हटाए जाने को लेकर बवाल खड़ा हो गया है, हरिद्वार एक एडवोकेट ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और माँ मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज को नोटिस जारी कर 7 दिन में स्पष्टीकरण और दस्तावेज देने का नोटिस थमाया है, अब देखना यह है कि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष इस नोटिस का क्या स्पष्टीकरण और जवाब देते हैं । उल्लेखनीय की अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की प्रयागराज बैठक में पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े के एक पंगत के महंत श्री महंत रघु मुनि महाराज श्रीमहंत अग्रदास महाराज, कोठारी श्रीमहंत दामोदरदास महाराज को बड़ा उदासीन अखाड़े से आए एक पत्र पर कार्रवाई करते हुए तीनों को अखाड़े से निष्कासन के प्रस्ताव पर मोहर लगाई थी यह की अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद देश के सभी साधु संतों की सर्वोच्च संस्था है, और इसमें लिए गए निर्णय को सभी सन्त मान्य और स्वीकार करते हैं वहीं अब हरिद्वार के अभिभाषक अरुण भदोरिया द्वारा एक पत्र श्रीमहंत रवींद्र पुरी महाराज को भेज कर उनसे यह पूछा गया है कि निम्न संतो को हटाने के लिए प्रस्ताव किस संस्था द्वारा पेश किया गया, जिस समय इन तीनों संतो को हटाने का प्रस्ताव हुआ उस समय कौन-कौन से अखाड़े मौजूद थे ,सहित अखाड़ा परिषद की प्रोसिडिंग की कॉपी की भी नोटिस में मांग की गई है। ऐसे में अब प्रश्न या उठता है कि इस समय बड़ा अखाड़े के वर्तमान महंत,कोठारी ओर महामंडलेश्वर द्वारा अखाड़ा परिषद पर ही प्रश्न चिन्ह लगाया जा रहा है, ऐसे में अब यह सवाल उठ रहे हैं कि वर्ष 2025 में इन तीनों संतो को हटाने का जो प्रस्ताव इसी अखाड़ा परिषद द्वारा किया गया था तो वह स्वतः ही शून्य घोषित होने के साथ ही आधारहीन हो जाता है, क्योंकि जब बड़ा अखाड़ा द्वारा ही अब अपने ही दिए प्रस्ताव को झूठलाया जा रहा है ऐसे में अखाड़ा परिषद का अगला कदम क्या होगा इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई है, इस संबंध में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष माँ मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज से जब नोटिस के बारे में चर्चा की गई तो उन्होंने कहा गया कि उन्हें नोटिस मिला है, इस संबंध में वह अपने वकीलों से राय ले रहे है।

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