
गऊघाट सुभाष घाट पर 58वां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव हर्षोल्लास से संपन्न, रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर केक काटकर की गई आतिशबाजी
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर हर की पौड़ी के समीप गऊघाट सुभाष घाट पर आयोजित 58वें श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में आस्था, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। रंग-बिरंगी रोशनी, भव्य धार्मिक झांकियों और मथुरा-वृंदावन के कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने देर रात तक श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किए रखा। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और मेयर किरण जैसल ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि जगदीश लाल पाहवा, बृजभूषण विद्यार्थी, अनिरुद्ध भाटी और डॉ. विशाल गर्ग भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम संयोजक राजेंद्र वधावन ‘राजू’ ने बताया कि गऊघाट सुभाष घाट पर 58वां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव लगातार धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महोत्सव को उत्तराखंड सरकार द्वारा वर्ष 2015 में प्रथम पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी आयोजन को भव्य और आकर्षक स्वरूप दिया गया।
मथुरा, वृंदावन और बरसाना से पहुंचे विशेष टीवी कलाकारों ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। महोत्सव में राधा-कृष्ण की भव्य झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा भगवान विष्णु के विराट स्वरूप, भगवान शिव-पार्वती तथा नौ दुर्गा की आकर्षक झांकियों को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। आयोजन में प्रस्तुत किया गया डरावना भूत दृश्य भी दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।
रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का उल्लास चरम पर पहुंच गया। भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के अवसर पर केक काटा गया और इसके बाद भव्य आतिशबाजी की गई। रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने गऊघाट और आसपास के क्षेत्र को रोशनी से जगमगा दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं।
इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सत्य, धर्म और मानवता की रक्षा का संदेश देने वाला पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा प्रदान करती हैं।
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि हरिद्वार की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं विश्वभर में अपनी अलग पहचान रखती हैं। इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
मेयर किरण जैसल ने कहा कि धर्मनगरी में आयोजित ऐसे धार्मिक महोत्सव सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
संयोजक राजेंद्र वधावन ‘राजू’ ने सभी अतिथियों का स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन उप संयोजक गोपाल कृष्ण गुलाटी ने किया।
इस अवसर पर आनंद विरमानी, सतीश काका, अरविंद बबली, महेश जैन, महेंद्र अरोड़ा, धीरज अरोड़ा, सुमित शर्मा, बादल गोस्वामी, पंकज कुमार लाली, नितिन कुमार नीटू, कमल खड़का, ममता वधावन, कुसुम लता, प्रिया वधावन, चिराग वधावन, प्रिंस वधावन, मणि कर्ण खत्री, ऋषभ वधावन, गोपाल मोती, प्रेम कुमार बहोत, सुनील वधावन, विशाल ठाकुर, आशु वधावन, विभांशु रानू, आशीष शर्मा, सम्मी अरोड़ा, रमेश चंद शर्मा, मोनू शर्मा, अनुपम त्यागी, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष संजीव नैय्यर, शहर अध्यक्ष राजीव पराशर और अरुण कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
