नासिक कुंभ 2027 को दिव्य और भव्य बनाने की तैयारी तेज, मुख्यमंत्री फड़नीस ने अखाड़ा परिषद संग की अहम बैठक

नासिक में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फर्नाडीज, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, मंत्री छगन भुजबल सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और अखाड़ा परिषद के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी कुंभ मेले को दिव्य, भव्य और सुरक्षित स्वरूप प्रदान करने के लिए व्यापक तैयारियों को लेकर चर्चा हुई।

बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज, महामंत्री श्री महंत हरी गिरी महाराज, श्री महंत सत्य गिरी महाराज, श्री महंत मोहन भारती महाराज, श्री महंत शंकरानंद सरस्वती महाराज, श्री महंत गणेश नंद गिरी महाराज सहित विभिन्न अखाड़ों के संत एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी संतों और प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, स्वच्छता, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं और घाटों के विकास को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नीस ने कहा कि नासिक कुंभ भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण आयोजन है, जिसे ऐतिहासिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस आयोजन में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज और महामंत्री श्री महंत हरी गिरी महाराज ने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 का नासिक कुंभ अब तक का सबसे दिव्य, भव्य और सुरक्षित कुंभ होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन और संत समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है, जिससे व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

बैठक में यह भी तय किया गया कि कुंभ मेले की तैयारियों की नियमित समीक्षा के लिए लगातार बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्रशासनिक अमला भी आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी तरह सक्रिय दिखाई दिया। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नासिक कुंभ 2027 की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

  • Related Posts

    श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति रस की अविरल धारा, साध्वी समाहिता दीदी ने कराया अमृतमय श्रवण

    हरिद्वार, उत्तरी हरिद्वार के सप्तसरोवर मार्ग स्थित संत शदाणी देस्थानम् में आयोजित तीन दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। कथा व्यास साध्वी समाहिता…

    जापान की साध्वी योगमाता सत्यप्रेम गिरी बनी निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर

    पूरी दुनिया के लोग अपना रहे सनातन संस्कृति-श्रीमहंत रविंद्रपुरी विश्व समुदाय को नई दिशा दे रही भारतीय ऋषि परंपरा-स्वामी बालकानंद गिरी सनातन संस्कृति के प्रचार प्रसार में योगदान करेंगी-महामंडलेश्वर योगमाता…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति रस की अविरल धारा, साध्वी समाहिता दीदी ने कराया अमृतमय श्रवण

    • By Admin
    • June 17, 2026
    • 3 views

    जापान की साध्वी योगमाता सत्यप्रेम गिरी बनी निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर

    • By Admin
    • June 16, 2026
    • 3 views

    श्रीमद्भागवत कथा के शुभारम्भ पर गूंजे भक्ति के स्वर, विश्व शांति के लिए होगा विशेष यज्ञ

    • By Admin
    • June 16, 2026
    • 5 views

    एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण एवं स्वच्छता का संदेश

    • By Admin
    • June 15, 2026
    • 4 views

    श्री साई शिव गंगा धाम में 5210 किलो वजन के पारदेश्वर शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा 17 जून को, सीएम धामी सहित कई दिग्गज होंगे शामिल

    • By Admin
    • June 15, 2026
    • 7 views

    14 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (नैन) ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

    • By Admin
    • June 14, 2026
    • 5 views